शासकीय योजनाऐं:

शिक्षक अभिभावक योजना: महाविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वागीण विकास एवं बेहतर शैक्षणिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षक-अभिभावक योजना संचालित है। विद्यार्थी महाविद्यालय में आने वाली अपनी किसी भी समस्या का निदान शिक्षक-अभिभावक के माध्यम से कर सकते है। समय-समय पर बैठक आयोजित कर शिक्षक-अभिभावक विद्यार्थियों की प्रगति एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी अभिभावक को दी जाती है।

गाॅव की बेटी योजनाः यह योजना सत्र 2005-06 से प्रारंभ की गई है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र अथवा नगर पंचायत के प्रथम श्रेणी में 10$2 उत्तीर्ण छात्राओं को पात्रता है। इसके अन्तर्गत प्रति छात्रा को 5000/- रूपये की छात्रवृत्ति वर्ष में प्रदान की जाती है। गत तीन सत्रों में जिले में इस योजना के अन्तर्गत 1796 छात्राओं लाभान्वित हुई है।

प्रतिभा किरण योजना: यह योजना शासन द्वारा सत्र 2007-08 से प्रारंभ की गई है, जिसमें नगर पालिका क्षेत्र (दतिया तहसील) से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण बी.पी.एल कार्डधारी पालकों की छात्राओं को पात्रता है। प्रारम्भ में छात्रवृत्ति की राषि 300/- प्रतिवर्ष थी जो सत्र 2009-10 से बढ़ाकर 5000/- रूपये प्रति छात्रा, प्रतिवर्ष कर दी गई है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक कुल 507 छात्रायें लाभान्वित हुई है।

छात्रा आवागमन योजना: यह योजना महाविद्यालय में अध्ययनरत ऐसी छात्राओं हेतु है, जो 5 किमी. या इससे अधिक दूरी से महाविद्यालय में आती है। पात्र छात्राओं को 5/- रूपये प्रतिदिन तथा सत्र में 200 दिन के हिसाब अधिकतम 1000/- रूपये की पात्रता है। यह योजना सत्र 2011-12 से लागू है तथा अब तक इस योजना के अन्तर्गत 510 छात्रायें लाभान्वित हुई हैं।

विक्रमादित्य योजना: यह योजना सामान्य वर्ग के ऐसे निर्धन छात्रों हेतु है जिसके पालकों की वार्षिक आय रूपये 54000/- या उससे कम है। सत्र 2008-09 से यह योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के अन्तर्गत छात्रों को षिक्षण शुल्क से मुक्ति रहती है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक लगभग 100 छात्र लाभान्वित हुये है।

डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी छात्रवृत्ति योजना: यह योजना सत्र 2010-11 से प्रारंभ की गई है जो समान्य वर्ग के महाविद्यालय में नियमित अध्ययनरत छात्रों के लिए है, जिन्होंने 10$2 परीक्षा 80 प्रतिषत या उससे अधिक अंकों से उत्तीर्ण की हो, तथा जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय रू. 300000/- से कम है। इस योजना के अन्तर्गत छात्रों को 3000/- रूपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति की पात्रता है। अब तक लगभग 60 छात्र इस योजना से लाभान्वित हुए हैं।

विकलांग शोध छात्रवृत्ति: नियमानुसार प्रोत्साहन पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

बुक बैंक योजना - महाविद्यालय में अध्ययनरत् अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को बुक बैंक योजनान्तर्गत पाठ््य पुस्तकें एवं स्टेषनरी निःशुल्क प्रदान की जाती है।

 

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के लिए शुल्क मुक्ति के संबंधित आवश्यक निर्देष:

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों पर छात्रवृत्ति से संबंधित मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल का अदेश क्रमांक डी-158/50 स.प्र./01 दिनांक 26 जुलाई 2001 प्रभावशील होगा। शुल्क मुक्ति एवं छात्रवृत्ति की पात्रता रखने वाले छात्रों को चाहिये कि वे इस हेतु निर्धारित प्रारूप/प्रार्थना पत्र पर अपना आवेदन समय सीमा में प्रस्तुत करें तथा उसके साथ अंकसूची/आय प्रमाण पत्र/स्थाई जाति प्रमाण पत्र/अपना फोटो तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्यताः लगाये। फार्म जमा करते समय अपने मूल प्रमाण पत्र भी प्रभारी प्राध्यापक/अधिकारी/कर्मचारी को दिखाकर चेक करावें। आधे अधूरे फार्मों को छात्रवृत्ति हेतु स्वीकार नहीं किया जायेगा। निर्धारित तिथि के उपरांत फार्म स्वीकार नहीं किये जावेंगे।

उच्च शिक्षा गारन्टी योजना:

महाविद्यालय में ऐसे छात्र/छात्राऐं जिनकी आय तीन लाख से कम है, तथा जो छात्र बैंक से ऋण लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छूक है, उन छात्रों की बैंक गारंटी मध्यप्रदेष शासन देता है।

एकीकृत छात्रवृत्ति:

माध्यमिक शिक्षा मण्डल/म.प्र. के विश्वविद्यालय से अर्हकारी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले को शोध/स्नातकोत्तर योग्यता, सहसाधन, स्नातक योग्यता, योग्यता सहसाधन आदि विभिन्न छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जाती है।

अल्पसंख्यक समुदाय हेतु छात्रवृत्ति

अल्पसंख्यक समुदाय के कमजोर वर्ग के मेद्यावी छात्रों को जिन्होंने पिछली अंतिम परीक्षा में 50 प्रतिषत से अधिक अंक प्राप्त किये है तथा अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख रूपये से कम हो। इस छात्रवृत्ति की स्वीकृति आदिम जाति कल्याण विभाग से होगी।

   
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